शुक्रवार, 1 जुलाई 2011

चटपटी खबरों के जंगल में

सरकार भी चल रही है और जनता भी चल रही है, सरकार महंगाई बढ़ा रही है, जनता रो बिलख रही है फिर झोला लेकर बाजार जाकर नून तेल लकड़ी, सब्जी, राशन लेकर स्कूटर या कार में धर कर ला रही है ! सरकार सोचती है "यार कमाल हो गया इस जनता पर कोई असर ही नहीं, दो चार दिन हाय तोबा मचाती है, आन्दोलन करती है, काली पट्टी बाँध कर जाम लगा देती है फिर सब नौरमल हो जाता है "! फिर एक जलता बलता धुंवा छोड़ता हुआ सरकारी आदेश निकल जाता है, गैस बढ़ गयी, सब्जी बढ़ गयी, मिट्टी का तेल बढ़ गया, समझ नहीं आ रहा है ये कौन सा नया खेल खेल रही है सरकार जनता के साथ !
कालेजों में आरक्षण कोटा ! तू डाल डाल मैं पात पात ! रईस बच्चों ने अपनी जेबें ढीली की जाली काष्ट प्रमाण पत्र बनवाया और ले लिया आरक्षण कोटे से एड्मीसन ! बेचारे होनहार होशियार लडके ९० प्रतिशत में भी दाखिला से बंचित हैं और शरारती तत्व कपिल सिब्बल के नए सिस्टम का आनंद उठा रहे हैं ! सच्चे रो रहे हैं, झूठे हंस रहे हैं !
कोर्ट कचहरी, नीरज ग्रोवर की ह्त्या हुई, मारिया और जेरोम हत्यारे बच गए ! जज साहेब कहते हैं मारिया ने सबूत मिटाने की कोशीश की और जेरोम ने इरादे से ह्त्या नहीं की इसलिए दोनों छोड़ दिए गए ! ह्त्या तो हुई, वो बाप का बेटा जो मारा गया वापिस तो नहीं आएगा, फिर ह्त्या तो हुई है इरादे से हुई है या गैर इरादे से ! देश में सब कुछ संभव है 'शेर ने बकरी को मारा या बकरी ने शेर को ' !
प्रधान मंत्री ७८ साल की उम्र में भी १८ घंटे लगातार काम करते हैं और फिर जवान की तरह भागते हैं, फिर अभी राहुल को लाने की क्या जल्दी ? रहने दो मन मोहन जी को अगले २०१४ तक जिन मंत्रियों ने ए राजा, कलमाडी और अन्य भ्रष्ट नेताओं की तरह जेबें गरम नहीं की उन्हें भी तो अवसर मिलना चाहिए !
सरोजनी नगर में शोर शराबा मचा उधर उस कोने में बम है ! पुलिस फ़ोर्स, बम डिस्पोजल फ़ोर्स मौके वारदात पर पहुँच गयी, काफी मसकत के बाद पता लगा "कमाल हो गया यह बम नहीं टीवी का रिमोट कंट्रोल है " ! खोदा पहाड़ निकली चुहिया ! कलकाता हॉस्पिटल में एक हफ्ते के अन्दर ४० बच्चे मौत के मुंह में चले गए हैं, लेकिन प्रशासन और हॉस्पिटल ऑथोरिटी एक दूसरे के ऊपर ब्लेम डालने की कोशीश करेंगे, ४० घरों के माँ बापों के घरों के चिराग तो बुझ गए ! ममता जी ने इन्क्वारी बिठा दी है और अगले २४ घंटें में रिपोर्ट माँगी है ! इनसे और क्या हो सकता है ?
क्रिकेट : भारत -वेस्ट इंडीज
पहला टेस्ट मैच तो भारत ने जीत लिया ! दूसरे मैच में जो धान्धलेवाजी वहां हुई वह शर्म नाक थी ! अम्पायर ने विराट कोहली, सुरेश रैना और धोनी को गलत ऑउट दे दिया ! धोनी के केश ने तूल पकड़ा तो असलियत सामने आई ! हुआ ये की इम्पायर ने धोनी को एक नो गेंद पर ऑउट दे दिया, जब धोनी बाहर जाने लगे तो थर्ड इम्पायर ने उन्हें रोक दिया ! स्क्रीन पर दिखाया गया की गेंद कहीं गलत तो नहीं थी, लेकिन वेस्ट इंडीज के कैमरा वाले ने इससे पहले वाली गेंद इम्पायर को दिखा दी, और धोनिको ऑउट दे दिया गया ! क्या ऐसे शर्म नाक गुस्ताखी के लिए गलती करने वाले को सजा नहीं मिलनी चाहिए, शक्त से शक्त सजा का प्रावधान होना चाहिए, ताकी दुबारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेले जाने वाले खेलों में ऐसी हरकत दुबारा न होने पाए !

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