हरेंद्रसिंह रावत लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
हरेंद्रसिंह रावत लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 1 जुलाई 2011

चटपटी खबरों के जंगल में

सरकार भी चल रही है और जनता भी चल रही है, सरकार महंगाई बढ़ा रही है, जनता रो बिलख रही है फिर झोला लेकर बाजार जाकर नून तेल लकड़ी, सब्जी, राशन लेकर स्कूटर या कार में धर कर ला रही है ! सरकार सोचती है "यार कमाल हो गया इस जनता पर कोई असर ही नहीं, दो चार दिन हाय तोबा मचाती है, आन्दोलन करती है, काली पट्टी बाँध कर जाम लगा देती है फिर सब नौरमल हो जाता है "! फिर एक जलता बलता धुंवा छोड़ता हुआ सरकारी आदेश निकल जाता है, गैस बढ़ गयी, सब्जी बढ़ गयी, मिट्टी का तेल बढ़ गया, समझ नहीं आ रहा है ये कौन सा नया खेल खेल रही है सरकार जनता के साथ !
कालेजों में आरक्षण कोटा ! तू डाल डाल मैं पात पात ! रईस बच्चों ने अपनी जेबें ढीली की जाली काष्ट प्रमाण पत्र बनवाया और ले लिया आरक्षण कोटे से एड्मीसन ! बेचारे होनहार होशियार लडके ९० प्रतिशत में भी दाखिला से बंचित हैं और शरारती तत्व कपिल सिब्बल के नए सिस्टम का आनंद उठा रहे हैं ! सच्चे रो रहे हैं, झूठे हंस रहे हैं !
कोर्ट कचहरी, नीरज ग्रोवर की ह्त्या हुई, मारिया और जेरोम हत्यारे बच गए ! जज साहेब कहते हैं मारिया ने सबूत मिटाने की कोशीश की और जेरोम ने इरादे से ह्त्या नहीं की इसलिए दोनों छोड़ दिए गए ! ह्त्या तो हुई, वो बाप का बेटा जो मारा गया वापिस तो नहीं आएगा, फिर ह्त्या तो हुई है इरादे से हुई है या गैर इरादे से ! देश में सब कुछ संभव है 'शेर ने बकरी को मारा या बकरी ने शेर को ' !
प्रधान मंत्री ७८ साल की उम्र में भी १८ घंटे लगातार काम करते हैं और फिर जवान की तरह भागते हैं, फिर अभी राहुल को लाने की क्या जल्दी ? रहने दो मन मोहन जी को अगले २०१४ तक जिन मंत्रियों ने ए राजा, कलमाडी और अन्य भ्रष्ट नेताओं की तरह जेबें गरम नहीं की उन्हें भी तो अवसर मिलना चाहिए !
सरोजनी नगर में शोर शराबा मचा उधर उस कोने में बम है ! पुलिस फ़ोर्स, बम डिस्पोजल फ़ोर्स मौके वारदात पर पहुँच गयी, काफी मसकत के बाद पता लगा "कमाल हो गया यह बम नहीं टीवी का रिमोट कंट्रोल है " ! खोदा पहाड़ निकली चुहिया ! कलकाता हॉस्पिटल में एक हफ्ते के अन्दर ४० बच्चे मौत के मुंह में चले गए हैं, लेकिन प्रशासन और हॉस्पिटल ऑथोरिटी एक दूसरे के ऊपर ब्लेम डालने की कोशीश करेंगे, ४० घरों के माँ बापों के घरों के चिराग तो बुझ गए ! ममता जी ने इन्क्वारी बिठा दी है और अगले २४ घंटें में रिपोर्ट माँगी है ! इनसे और क्या हो सकता है ?
क्रिकेट : भारत -वेस्ट इंडीज
पहला टेस्ट मैच तो भारत ने जीत लिया ! दूसरे मैच में जो धान्धलेवाजी वहां हुई वह शर्म नाक थी ! अम्पायर ने विराट कोहली, सुरेश रैना और धोनी को गलत ऑउट दे दिया ! धोनी के केश ने तूल पकड़ा तो असलियत सामने आई ! हुआ ये की इम्पायर ने धोनी को एक नो गेंद पर ऑउट दे दिया, जब धोनी बाहर जाने लगे तो थर्ड इम्पायर ने उन्हें रोक दिया ! स्क्रीन पर दिखाया गया की गेंद कहीं गलत तो नहीं थी, लेकिन वेस्ट इंडीज के कैमरा वाले ने इससे पहले वाली गेंद इम्पायर को दिखा दी, और धोनिको ऑउट दे दिया गया ! क्या ऐसे शर्म नाक गुस्ताखी के लिए गलती करने वाले को सजा नहीं मिलनी चाहिए, शक्त से शक्त सजा का प्रावधान होना चाहिए, ताकी दुबारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेले जाने वाले खेलों में ऐसी हरकत दुबारा न होने पाए !

रविवार, 26 जून 2011

देश में प्रधान मंत्री का अकाल

हाँ सचमुच में, जब भी इस महान देश की प्रधान मंत्री की कुर्सी का जिक्र आता है तो सबसे पहले श्री जवाहर लाल नेहरू द्वारा लगाया गया वह पौधा याद आता है जो उनहोंने १५ अगस्त १९४७ ई० को हिन्दुस्तान पाकिस्तान बनाकर लाखों घर उजाड़ कर, हजारों बेगुनाहों को बेरहम पाकिस्तानियों से मरवाकर संसद भवन में लगाया था ! २६ जनवरी १९५० ई० को जो संविधान बना वह भी इंग्लैण्ड के १९३५ ई० के एक्ट को आधार बनकर बनाया गया ! कहा तो यह गया था की "अब हम आजाद हो गए हैं, सारे हिन्दुस्तानी हर जगह, चाहे वह न्यापालिका हो चाहे कार्यपालिका हो और चाहे हो विधायिका समानता और एक ही नजर से देखें जाएंगे ! हर देश का नागरिक अपनी योग्यता के आधार पर नौकरी पाने का हक़ दार होगा, अमीर गरीब, ऊंचे नीचे, मजदूर मालिक प्रजातांत्रिक, धर्म निरपेक्ष देश में कर्तब्यों का पालन करेंगे और सविधान में दिए गए, शिक्षा का अधिकार, जीने का अधिकार, वोट देने का अधिकार, सांसद और विधायक के लिए चुनाव लड़ने का अधिकार ! समानता का अधिकार, देश के किसी भी भाग में जाकर घूमने फिरने का अधिकार, नौकरी करने का अधिकार का सहभागी बनेंगे ! कल के राजा रजवाड़े, जागीरदार, जमीदार, बड़े बड़े सेठ साहूकार जिन्होंने जिन्दगी भर अंग्रेजों की गुलामी की, स्वतंत्र सेनानियों के स्वतंत्रता आन्दोलन को कुचलने में अंग्रेजों की मदद की और भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव राजगुरु जैसे देश भक्तों को फांसी पर लटक वाया, वही लोग पैसों के बल पर स्वतंत्र देश के शासक बन बैठे ! अंग्रेजों ने कुछ भी तो नहीं छोड़ा था मिट्टी तक वे इंग्लैण्ड ले गए थे ! उलटे गांधी जी के जिद के आगे पाकिस्तान को ५० करोड़ रुपये और दे दिए गए, पाकिस्तान के हुक्म रानों ने इन पैसों से हथियार खरीद कर काश्मीर पर आक्रमण कर दिया ! संयुक्त राष्ट्र के दबाव के कारण भारतीय सैनिकों को युद्ध बंद कर देना पड़ा और पाकिस्तान काश्मीर के एक तिहाई हिस्से पर अपना कब्जा जमा कर बैठ गया ! आज भी इस काश्मीर की सुरक्षा पर देश की आय का एक बहुत बड़ा भाग खर्च किया जा रहा है ! जब भी भारत प्रगति के रास्ते पर बढ़ने की कोशीश करता है, पाकिस्तान अमेरिका से मिले भीख से हथियार खरीदता है और अकारण ही काश्मीर पर या देश की सीमा पर आक्रमण कर देता है !
देश का पहला मंत्रीमंडल बना, जिसमें नेहरू के अलावा, सरकार पटेल, सरदार बलदेवसिंह, कृष्णमाचार्य, मोरारजी देसाई, सुचेता कृपलानी, श्रीमत्ती नायडू, अब्दुल कलाम आजाद रफीक किदवई और भी बहुत सी जानी मानी हस्तियाँ थीं, सारे चरित्रवान, योग्य और जनता के असली रहनुमा थे ! कृष्णा मेनन इंग्लैण्ड में भारतीय दूतावास में सर्वे सर्वा था, उन्हीं दिनों भारतीय रक्षा मंत्रालय ने इंग्लैण्ड से सैनिकों के लिए दुर्गम घाटियों में चलने वाली विशेष जीप- जोंगे मंगाए, उनकी खरीद फरोक्त में भी कमीशन लिया गया, देश का सबसे पहला भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ, लेकिन मामला तूल पकड़ने से पहले ही दबा दिया गया ! वे सारे जीप जोंगे कबाड़ खाने में गए ! फिर कांग्रेसियों में नेहरू के बाद इन्द्रा जी का नाम भुनाया जाने लगा, लेकिन लाल बहादूर शास्त्री सर्व सम्मति से प्रधान मंत्री बनाए गए ! ताशकंद में ताशकंद समझौते पर हस्ताक्षर होते ही उनकी मृतु हो गयी ! इन्क्वारियाँ हुईं प्रोसीडिंग भी तैयार की गयी लेकिन उसे जग जाहीर नहीं होने दिया, क्या परस्थितियाँ थी, शास्त्री जी के साथ ही मौत के रहस्य भी दफ़न हो गए ! इन्द्रा गांधी जी नेहरू की सुपुत्री को कुर्सी सौंप दी गयी ! उस समय तक देश में कोंई सक्षम विपक्ष नहीं था, इस तरह कांग्रेस जैसा चाहती थी करती थी ! १९८४ ई० में इन्द्राजी के बाद राजीव गांधी, ऐसा नहीं था की कांग्रेस में कोंई राजीव को टक्कर देने वाला नहीं था, लेकिन नेहरू गांधी परिवार के प्रति श्रद्धा और भक्ती, वंश आगे बढ़ता रहा जैसे प्रजातंत्र न होकर यह राजतंत्र हो ! राजीव के बाद फिर सोनिया का नाम जोर शोरों से उछाला जाने लगा, लेकिन समय काफी बदली हो चुका था, किसी भी पार्टी के पास बहुमत न होने से उन्हें बाहर से समर्थन लेना पड़ा, कांग्रेस में ही दरार पद गयी, सरद पंवार, ममता बनर्जी अपनी अपनी पार्टी बनाकर अलग हो गए ! भिन्न भिन्न घटकों द्वारा बना भानमती का कुनवा बन गया ! उनमें से बहुतों ने सोनिया को विदेशी मूल होने के कारण देश का प्रधान मंत्री स्वीकार करने से इनकार कर दिया ! परिवार से अलग हटकर दसरा प्रधान मंत्री नर्सिघा राव बना ! फिर १९९६ से २००४ चार तक विपक्ष सता पर काबिज रहा ! २००४ चार में फिर सहयोगी पार्टी के सर ताज सरद पंवार और दूसरे घटकों ने सोनिया को नकार दिया तो कांग्रेस ने साफ्ट कारनर ढूंढ कर मन मोहनसिंह को प्रधान मंत्री की कुर्सी थमा दी और रिमोट दे दिया सोनिया जी के हाथों में ! सात सालों से लगातार मन मोहनजी आँख मूँद कर कुर्सी का सुख भोग रहे हैं और सता के केंद्र बिंदु से आदेश ले रहे हैं ! सोनिया जी के नव निहाल कांग्रेस के वेताज प्रिंस अब ४१ साल के होगये हैं, अब परिवार के खासम ख़ास जैसे, दिग्विजयसिंह जी को फिर खाज उठने लगी है अब वे कहते फिर रहे हैं " राहुल को अब प्रधान मंत्री का तख्ते ताउस संभाल लेना चाहिए, वे सब गु न समपन्न हैं ! " उनके चमचों में कुछ ऐसे भी हैं जो कहते हैं "की प्रियंका जी को भी आगे लाओ और समय पड़ने पर उन्हें भी गद्दी पर बिठाओ " ! देखना है प्रजातांत्रिक देश में ऊँट किस करवट बैठता है ! ये कैसा प्रजातंत्र है ? अध्ययन मनन करने की जरूरत है ! आखीर होगा वही जो राम रची राखा !

बुधवार, 8 जून 2011

संत पर लाठी

संत अनशन पर बैठा था ! देश में अनाचार, भ्रष्टाचार, रिश्वत खोरी, जमा खोरी का साम्राज्य है ! देश का बहुत सारा धन बड़े बड़े सूरमाओं का, मंत्रियों का, नौकर शाहों का, व्यापारियों का, उद्योग पतियों का जनता से छिना हुआ पैसा विदेशी बैंकों का कालाधन बन कर उस देश की प्रति में हाथ बंटा रहा है और इधर देश की असंख्य जनता गरीबी के बोझ तले सिसक रही है ! सरकारी गोदामों में अनाज सड़ रहा है, लेकिन सरकार के शीर्ष पर बैठे हुए शीर्षासन में हैं, कान आँखें बंद हैं ! आम आदमी की पीड़ा संत ही समझ सकते हैं, संत ने सरकार पर दबाव बढ़ाया "कालाधन देश का विदेशी बैंकों से वापिस लाओ" ! उलटा संत और उसके सहयोगियों को रात के डेढ़ बजे पुलिस द्वारा लाठी चार्ज करवा गया ! किसी की कमर तोड़ दी गयी, किसी का हाथ तो किसी की टांग ! राम लीला के मैदान को रावण, कुम्भ करण, शुम्भ निशुम्भ, खर दूषण, ताडीका और सुरपन खान की सैर गाह बना दिया गया और संतों को मार मार कर दूसरे लोक पहुंचाया गया ! हमारा देश धर्म निरपेक्ष प्रजातांत्रिक देश है जहाँ यह कहना भी गुनाह है की "देश की जनता की गाढ़ी कमाई जो बनकर विदेशी बैंकोंमें पड़ा है उसे वापिस लाओ" ! अब जब सुप्रीम कोर्ट ने जबाब माँगा तो सरकार का पूरा तंत्र पुलिस के इस जघन्य अफराध को छुपाने प्रयास किया जा रहा है ! लेकिन मनमोहनसिंह तथा उनके सारे मंत्री मंडल के सदस्य, सोनिया जी और राहुल जी ऊपर वाले की आँखों में अभी तक न कोइ धुल झोंक पाया है न झोंक पाएगा ! उसकी वेआवाज के डंडे की चोट बड़ी भयानक होती है ! यमराज के पास सबको अकेले अकेले जाना है और अपने दुष्कर्मों के लिए सजा भी स्वयं भी भुगतनी है ! तैयार हो जाओ शैतानों अब संतों की बारी है !