बुधवार, 8 जून 2011

संत पर लाठी

संत अनशन पर बैठा था ! देश में अनाचार, भ्रष्टाचार, रिश्वत खोरी, जमा खोरी का साम्राज्य है ! देश का बहुत सारा धन बड़े बड़े सूरमाओं का, मंत्रियों का, नौकर शाहों का, व्यापारियों का, उद्योग पतियों का जनता से छिना हुआ पैसा विदेशी बैंकों का कालाधन बन कर उस देश की प्रति में हाथ बंटा रहा है और इधर देश की असंख्य जनता गरीबी के बोझ तले सिसक रही है ! सरकारी गोदामों में अनाज सड़ रहा है, लेकिन सरकार के शीर्ष पर बैठे हुए शीर्षासन में हैं, कान आँखें बंद हैं ! आम आदमी की पीड़ा संत ही समझ सकते हैं, संत ने सरकार पर दबाव बढ़ाया "कालाधन देश का विदेशी बैंकों से वापिस लाओ" ! उलटा संत और उसके सहयोगियों को रात के डेढ़ बजे पुलिस द्वारा लाठी चार्ज करवा गया ! किसी की कमर तोड़ दी गयी, किसी का हाथ तो किसी की टांग ! राम लीला के मैदान को रावण, कुम्भ करण, शुम्भ निशुम्भ, खर दूषण, ताडीका और सुरपन खान की सैर गाह बना दिया गया और संतों को मार मार कर दूसरे लोक पहुंचाया गया ! हमारा देश धर्म निरपेक्ष प्रजातांत्रिक देश है जहाँ यह कहना भी गुनाह है की "देश की जनता की गाढ़ी कमाई जो बनकर विदेशी बैंकोंमें पड़ा है उसे वापिस लाओ" ! अब जब सुप्रीम कोर्ट ने जबाब माँगा तो सरकार का पूरा तंत्र पुलिस के इस जघन्य अफराध को छुपाने प्रयास किया जा रहा है ! लेकिन मनमोहनसिंह तथा उनके सारे मंत्री मंडल के सदस्य, सोनिया जी और राहुल जी ऊपर वाले की आँखों में अभी तक न कोइ धुल झोंक पाया है न झोंक पाएगा ! उसकी वेआवाज के डंडे की चोट बड़ी भयानक होती है ! यमराज के पास सबको अकेले अकेले जाना है और अपने दुष्कर्मों के लिए सजा भी स्वयं भी भुगतनी है ! तैयार हो जाओ शैतानों अब संतों की बारी है !

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