स्वामी बाबा रामदेव जी दिल्ली के ऐतिहासिक राम लीला ग्राउंड में पंहुच चुके हैं और जनता को दिए वादे के अनुसार वे ४ जून २०११ से आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे ! मुद्दा जनता की खून पशीने की कमाई देश के भारी भरकम मंत्रियों, राजनीतिज्ञों, उद्योगपतियों, व्यावारियों द्वारा लूट कर विदेशी बैंकों में काला धन बनकर वहां की जनता की गरीबी के स्तर को कम कर रही है और देश की गरीबी रेखा की लम्बाई बढ़ रही है, उस धन को बाबा जी वापिस देश में लाकर देश की गरीबी को जड़ मूल मिटाना चाहते हैं ! लेकिन कांग्रेस सरकार जो पिछले ६४ सालों से दिल्ली की गद्दी पर बैठ कर अपने परिवार, रिश्तेदार और परिवार के बफादार सेवकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के अलावा इन्होने और क्या किया है ! क़ानून व्यवस्था चरमरा गयी, सेठ और बड़े सेठ बन गए और गरीब और भी गरीब हो गए ! भ्रष्टाचार, रिश्व्खोरी, सीना जोरी, किड नेपिंग, दिन दहाड़े डकैती, आतंकवाद, नक्षलवाद, ये किसकी दें है, कांग्रेस की ! परिवारवाद और भाई भतीजावाद देश पर लाद दिया गया और नाम दे दिया प्रजातंत्र ! इस प्रजातंत्र में प्रधान मंत्री कौन कौन बने जब जब कांग्रेस सता में रही ! आज प्रधान मंत्री तो मनमोहन सिंह है लेकिन वे तो रिमोट कंट्रोल से चलाए जाते हैं, उन्हें आदेश है उपरी कमांड जब भी कहेगी की अब कुर्सी खाली करो राहुल आ रहा है, कुर्सी खाली मिलनी चाहिए ! इन सारी बुराइयों को सुधारने के लिए ही तो योग गुरु स्वामी रामदेव को आमरण अनशन के लिए दिल्ली आना पड़ा ! उनके सपोर्ट में अन्ना हजारे, आर एस एस, तमाम साधू समाज, संतों का विशाल लश्कर आगे आ गया है ! संतों का कहना है "जब संत कोंई फैसला कर देता है वह लक्षमण रेखा बन जाती है और इस समाज के बेहतरीन कार्य के लिए हम सब साधू संत बाबा रामदेव के साथ हैं !" दश करोड़ जनता का सपोर्ट सो अलग ! अब कांग्रेस
के पशीने छूटने लगे हैं ! उसके ऊंची नाक वाले, वरिष्ट मंत्री भाग भाग कर स्वामी जी के आगे पीछे मंडराने लगे हैं ! सरकार अपनी सफाई में बड़ी बड़ी योजना बना रही है की सरकार विदेशोंमें पड़े इस काले धन को वापिस लाने के लिए क्या क्या कदम उठा रही है और उस ड्राफ्ट को मंत्री मंडल और कांग्रेस की उच्च समिति से पास करवा कर स्वामी जी की सेवा में चार बड़े मंत्रियों के द्वारा भिजवाया जा रहा है ! वाह क्या कहने !! स्वामी जी का आन्दोलन तो अन्ना हजारे के डंक से भी ज्यादा जोर का झटका देने वाला है ! उधर अर्द्ध विक्सित पागल दिग्विजय सिंह अपनी चोंच नहीं बंद कर पा रहा है ! शायद इसके भी राजनीति के इने गिने दिन ही शेष रह गए हैं ! चींटी के जब पंख निकल आते हैं तो समझो उसके ऊपर जाने का समय आ गया है ! आगे आगे देखो होता है क्या ?
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें